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समस्तीपुर मंडल ने सिग्नल और दूरसंचार में नई तकनीक लागू की

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समस्तीपुर मंडल ने IP-MPLS, VOIP और CCTV से सुरक्षा और संचालन क्षमता बढ़ाई।

समस्तीपुर/आलम की खबर:पूर्व मध्य रेलवे के समस्तीपुर मंडल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में सिग्नल और दूरसंचार (Signal & Telecom) क्षेत्र में अभूतपूर्व सुधार किए हैं। इन तकनीकी उन्नतियों से मंडल की संचालन क्षमता मजबूत हुई है और यात्रियों के लिए सुरक्षा और सुविधा भी उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है। IP-MPLS नेटवर्क, इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग, VOIP प्रणाली और अत्याधुनिक CCTV कैमरों के माध्यम से मंडल ने रेलवे संचालन में पारदर्शिता, गति और सुरक्षा तीनों स्तरों पर सुधार किया है। इस बदलाव का सबसे बड़ा लाभ यात्रियों को हुआ है, जिन्हें अब ट्रेन की जानकारी, सुरक्षा और समयबद्ध संचालन के नए मानक मिल रहे हैं।

समस्तीपुर, दरभंगा, रक्सौल, नरकटियागंज और सहरसा में IP Exchange प्रणाली स्थापित कर पुराने ISDN सिस्टम को प्रतिस्थापित किया गया, जिससे संचार प्रणाली तेज और विश्वसनीय बनी। सकरी और मधुबनी स्टेशनों पर फेस रिकॉग्निशन युक्त CCTV कैमरे लगाए गए हैं, जिससे सुरक्षा निगरानी मजबूत हुई है। पांच प्रमुख स्टेशनों पर NVR सिस्टम अपग्रेड कर CCTV फुटेज अब 30 दिनों तक सुरक्षित रखी जा सकेगी। पुराने कंट्रोल रूम को अत्याधुनिक सुविधाओं वाले नए कंट्रोल रूम में स्थानांतरित किया गया, जिसमें डाटालॉगर, सिमुलेशन सिस्टम और 10×3 मैट्रिक्स सेंट्रल वीडियो वॉल जैसी सुविधाएँ मौजूद हैं। मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर और निर्मली सेक्शन में VOIP आधारित कंट्रोल कम्युनिकेशन सिस्टम लागू किया गया, जिससे संचार तेज और निर्बाध हुआ। इसके अलावा सिमरी बख्तियारपुर, समस्तीपुर और सहरसा स्टेशनों पर कोच और ट्रेन इंडिकेशन बोर्ड लगाए गए हैं, जिससे यात्रियों को वास्तविक समय में ट्रेन की स्थिति की जानकारी मिल रही है। 107 स्टेशनों पर IP-MPLS प्रणाली लागू कर नेटवर्क को हाई-स्पीड, सुरक्षित और गुणवत्ता युक्त बनाया गया है।

सिग्नलिंग क्षेत्र में भी मंडल ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। 30 स्थानों पर EPMs की सीलिंग कर मानसून के दौरान सिग्नल फेल्योर की घटनाओं में कमी आई है। VDNP, NJJ और बेतिया स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली लागू की गई, जिससे संचालन और अधिक सुरक्षित हुआ। नौ लेवल क्रॉसिंग गेट्स का इंटरलॉकिंग कर रेल और सड़क दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई। 16 लेवल क्रॉसिंग पर मैनुअल बैरियर की जगह इलेक्ट्रिक ऑपरेटेड लिफ्टिंग बैरियर (EoLB) लगाए गए, जिससे संचालन तेज और सुरक्षित हुआ। छह ब्लॉक सेक्शनों में UFSBI प्रणाली लागू की गई और IPS बैटरियों के 33 सेट बदले गए, जिससे सिग्नल फेल्योर की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई। पांच ब्लॉक सेक्शनों में BPAC और तीन स्टेशनों पर फायर अलार्म सिस्टम भी स्थापित किए गए। 17 लेवल क्रॉसिंग पर RTU (Remote Terminal Unit) स्थापित कर रियल टाइम मॉनिटरिंग की सुविधा शुरू की गई।

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इन सभी सुधारों और उपायों से यह स्पष्ट है कि समस्तीपुर मंडल लगातार आधुनिक तकनीक अपनाकर सुरक्षित, विश्वसनीय और यात्री-केंद्रित रेल सेवा प्रदान करने की दिशा में अग्रसर है।

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